Thursday, October 4, 2018

अनकही कहानी उस सुबह कि

ये उन दिनो की बात है जब मै  Bsc मे पढता था  सुबह का समय था लगभग  4.30 बजे थे  ठंड के मैसम होने के कारण सभी लोग सोये थे मेरे घर से मेरे college की दुरी 18 किमी थी मै अकसर साईकल से ही जाता था  6 बजे से लेकीन उस दिन सुबह मे coaching  होने के कारण मै 4 बजे से ही घर से निकला था कुहासे इतने थे कि कुछ दिखाई नही दे रहा था घर से लगभग 5 किमी दुर गया था ये जगह सुन सान पडता था काफी दुर तक घर नही था .. मै जैसे ही वहा पहुचा मुझे लडकी कि चिलाने कि अवाज सुनाई दी मै एका एक रुुक  गया फिर पिछे से खटकने कि अवाज आई मै पिछे मुड के देखा तो इक साईकल साइड मे था और...

Popular Post

कोर्ट को शोपिंग मॉल समझी औरतें.

बेटी के हाथ पकड़ झूठे केस कर के सालों से रात दिन कचहरियों में बिताने वाले लोग, २ ,२ हजार बेटी से भीख मंगवाने वाले मां, बाप, इतना मेहनत लड़की...