Thursday, December 8, 2022

अधूरेपन

एक रेगिस्तान से ज़्यादा
समझती है सूखी नदी
प्यास की तड़प
नंगा कहाँ समझ सका है
नंगेपन को
वह औरत जानती है नंगे होने का मतलब
जिसके ब्लाउज़ का एक कोर उधड़ा हुआ है
भूखे पेट से ज़्यादा
आधे भरे पेट वाला व्यक्ति महसूस करता है भूख को
साथ रहने से ज़्यादा
बिछड़ने पर लोगों ने जाना है
प्रेम की गहराई को
किसी भी चीज़ का अभाव
उतना कष्टदायी नहीं रहा है
जितना उस चीज़ का
थोड़ा हासिल होने पर
उसका भी छीन लिया जाना

No comments:

Post a Comment

Popular Post

ये चलती साँसें अधूरे सपने ढोती हैं,

देखो उन्हें, जो अचानक चले जाते हैं— किसी हादसे में, एक ही पल में। उनके शांत शरीर के पास मर्सिडीज़ की चाबियाँ, महंगी घड़ियाँ, ब्रांडेड सामान ...