Thursday, May 14, 2020

सारी बस्ती में आप ही नज़र आये


सारी बस्ती में आप ही नज़र आये
 

तेरी  सारी बस्ती में ये जादू नज़र आए मुझको
जो दरीचा भी खुले तू ही नज़र आए मुझको.
सदियों का रस जगा मेरी रातों में आ गया
मैं एक हसीन शक्स की बातों में आ गया.
जब तस्सवुर मेरा चुपके से तुझे छू आए
देर तक अपने बदन से तेरी खुशबू आए.
गुस्ताख हवाओं की शिकायत न किया कर
उड़ जाए न दुपट्टा कहीं खनक कर 
हाल पूछो और में न बताउ ऐसे तो हालात नहीं
एक ज़रा सा दिल ही तो टूटा है और तो कोई बात नहीं.
रात के सन्नाटे में हमने क्या-क्या धोके खाए है
अपना ही जब दिल धड़का तो हम समझे 
आपको कहीं हम याद आये है

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