Monday, September 17, 2018

हालात मेरे जिन्दगी की

ज़िन्दगी के उलझे सवालो के जवाब ढूंढता हु
कर सके जो दर्द कम, वोह नशा ढूंढता हु वक़्त से मजबूर, हालात से लाचार हु मैं
जो कोई देदे  जीने का बहाना ऐसी राह ढूंढता हु मै
हर दर्द का सताया हु मै . जिंदगी मै चैन का नाम ढुढता हु मै

No comments:

Post a Comment

Popular Post

पूर्वी यूपी

पूर्वांचल पर बनी वेबसरीज हो या उपन्यास हो जब भी लिखी गई हैं। अच्छी लोकप्रियता हासिल की हैं।  कुछ ऐसे उपन्यास, या वेबसरीज है जिनको पढ़ते या द...